॥ हरि ॐ तत्सत् ॥
अठारह महापुराण
सनातन धर्म के अठारह महापुराणों का संक्षिप्त, प्रवचन-शैली परिचय — एक स्थान पर। श्रीमद्भागवत पुराण की अपनी पूर्ण, स्वतंत्र वेबसाइट पहले से है; शेष पुराण क्रमशः यहाँ जोड़े जा रहे हैं।
अठारह पुराणों में परम्परागत रूप से प्रथम — सृष्टि, पुरुषोत्तम क्षेत्र (जगन्नाथ पुरी) और गोदावरी-माहात्म्य का वर्णन।
सबसे विशाल पुराणों में से एक — सृष्टि-वर्णन, विष्णु-भक्ति और विस्तृत तीर्थ-माहात्म्य इसकी विशेषता है।
सबसे व्यवस्थित व दार्शनिक रूप से सुगठित पुराणों में से एक — सृष्टि, श्रीकृष्ण-चरित्र, राजवंशों का इतिहास और विष्णु के अवतार।
भगवान शिव की महिमा, द्वादश ज्योतिर्लिंगों तथा शैव दर्शन व भक्ति पर केन्द्रित।
सर्वाधिक लोकप्रिय पुराण — श्रीकृष्ण-चरित्र व भक्ति पर केन्द्रित। इसकी अपनी पूर्ण, स्वतंत्र वेबसाइट पहले से उपलब्ध है।
देवर्षि नारद द्वारा वर्णित — धर्म, व्रत, तीर्थ व भक्ति-साधना की मार्गदर्शिका के रूप में प्रसिद्ध।
देवी उपासना के मूल ग्रन्थ देवी माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) का स्रोत — नवरात्रि पाठ हेतु सर्वाधिक प्रसिद्ध।
एक विश्वकोशीय ग्रन्थ — पूजा-विधि, राजनीति, आयुर्वेद, व्याकरण व काव्यशास्त्र सहित अत्यंत विस्तृत विषयों का संकलन।
भविष्य की घटनाओं के वर्णन के रूप में प्रस्तुत — व्रत व धर्म-विधानों का भी विस्तृत संकलन।
श्रीकृष्ण-राधा तथा प्रकृति (दिव्य स्त्री-तत्त्व) की महिमा पर केन्द्रित।
शिवलिङ्ग के माध्यम से भगवान शिव की उपासना, सृष्टि-विज्ञान व शैव दर्शन का वर्णन।
भगवान विष्णु के वराह अवतार पर केन्द्रित — धर्म व तीर्थ-माहात्म्य का भी वर्णन।
समस्त पुराणों में सबसे विशाल — भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) पर केन्द्रित, देशभर के तीर्थ-माहात्म्यों का विराट संकलन।
भगवान विष्णु के वामन अवतार तथा राजा बलि की कथा पर केन्द्रित — शैव सामग्री भी सम्मिलित।
भगवान विष्णु के कूर्म (कच्छप) अवतार पर केन्द्रित — सृष्टि-विज्ञान व धर्म का वर्णन।
सबसे प्राचीन पुराणों में से एक — मत्स्य अवतार व जलप्लावन की कथा, राजवंशावली और मन्दिर-शिल्पशास्त्र हेतु प्रसिद्ध।
मृत्यु, परलोक व अन्त्येष्टि-संस्कारों के विस्तृत वर्णन हेतु प्रसिद्ध — धर्म व आयुर्वेद का भी संकलन।
ब्रह्माण्ड (कॉस्मिक अण्डे) की उत्पत्ति पर केन्द्रित — कुछ संस्करणों में ललिता सहस्रनाम व अध्यात्म रामायण भी सम्मिलित।
